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1 जुलाई: बाजार रहा रेंज-बाउंड, लेकिन भरोसा बरकरार!

 1 जुलाई 2025 को भारतीय शेयर बाजार ने एक स्थिर और सधी हुई शुरुआत की, और पूरे दिन एक सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। हालाँकि दिन भर कोई बड़ी हलचल नहीं दिखी, लेकिन कुछ सेक्टर्स में हल्का उत्साह देखा गया। इस दिन के बाजार की चाल को लेकर निवेशकों के बीच यह सवाल था: "क्या यह शांति किसी तूफान से पहले की है?" 



बाजार स्थिर  लेकिन उम्मीद जिंदा हैं !


आइए इस दिन के पूरे घटनाक्रम, सेक्टरवाइज प्रदर्शन, तकनीकी संकेतों और संभावित निवेश रणनीति पर गहराई से नजर डालते हैं


📈 Sensex और Nifty ने दिखाई मजबूती

  • BSE Sensex ने 91 अंकों की बढ़त के साथ 83,697 पर क्लोजिंग दी। यह एक संकेत है कि लार्जकैप शेयरों में निवेशकों का भरोसा बना हुआ है।

  • Nifty 50 ने भी 24.75 अंक जोड़े और 25,541.80 पर बंद हुआ। यह सूचकांक दिन भर 25,450 से 25,580 के बीच कारोबार करता रहा।

हालाँकि यह वृद्धि छोटी दिख सकती है, लेकिन यह रेंज-बाउंड बाजार में स्थिरता और सकारात्मक सेंटीमेंट को दर्शाती है।


🏦 Bank Nifty ने बढ़ाया भरोसा

  • Bank Nifty में 146 अंकों की मजबूती देखने को मिली और यह 57,459.45 पर बंद हुआ। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि बैंकिंग क्षेत्र में अब भी लिक्विडिटी और निवेशकों का भरोसा बना हुआ है।

  • प्रमुख बैंकिंग स्टॉक्स जैसे IndusInd Bank, Kotak Mahindra Bank, और HDFC Bank में अच्छी खरीदारी देखी गई।

बैंकिंग सेक्टर के अच्छे प्रदर्शन के पीछे कुछ प्रमुख कारण हैं:

  1. ब्याज दरों को लेकर स्थिरता की उम्मीद।

  2. क्रेडिट ग्रोथ के मजबूत आंकड़े।

  3. RBI की तरफ से सख्ती के संकेत ना मिलना।


📊 सेक्टरवाइज परफॉर्मेंस की पूरी तस्वीर

सेक्टरप्रदर्शनप्रमुख कंपनियाँ
बैंकिंगमजबूतHDFC Bank, Kotak, SBI
हेल्थकेयरहल्का सकारात्मकApollo, Fortis
ऑटोमिश्रितMaruti, Tata Motors
ITसीमित दायरे में ट्रेडTCS, Infosys, HCL
मिडकैप/स्मॉलकैपथोड़ा दबावBEML, IOB, RITES

हेल्थकेयर और बैंकिंग सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही, जबकि मिड और स्मॉल कैप में थोड़ी थकावट नजर आई, जो पिछले हफ्तों की तेज़ी के बाद स्वाभाविक मानी जा रही है।



🔍 बाजार को प्रभावित करने वाले फैक्टर्स

  1. अंतरराष्ट्रीय संकेत:

    • अमेरिका और चीन के बीच व्यापार समझौतों पर नजरें टिकी हैं।

    • US Federal Reserve की अगली बैठक से पहले निवेशक सतर्क हैं।

  2. Q1 नतीजों की उम्मीद:

    • जुलाई में कई कंपनियाँ अपने अप्रैल-जून तिमाही के परिणाम घोषित करेंगी।

    • निवेशक देखना चाहेंगे कि कंपनियों की आय, मार्जिन और वॉल्यूम कैसा प्रदर्शन कर रहे हैं।

  3. FII और DII मूवमेंट:

    • FII (विदेशी संस्थागत निवेशक) ने दिन में हल्की बिकवाली की, लेकिन DII (घरेलू संस्थागत निवेशक) ने बैलेंस किया।

  4. सरकारी नीतियाँ और बजट पूर्व तैयारियाँ:

    • जुलाई के मध्य में पेश होने वाले Budget 2025 को लेकर उम्मीदें बनी हुई हैं। निवेशक यह देखना चाह रहे हैं कि सरकार किस सेक्टर को तवज्जो देती है।


💡 तकनीकी विश्लेषण (Technical Outlook)

  • Nifty: 25,500 का स्तर एक मनोवैज्ञानिक सपोर्ट है। ऊपर की ओर 25,600 और 25,750 रेजिस्टेंस के रूप में काम कर सकते हैं।

  • Bank Nifty: 57,000 के ऊपर क्लोजिंग एक मजबूत संकेत है। अगला रेजिस्टेंस 58,000 और सपोर्ट 56,700 पर माना जा सकता है।


🧭 निवेशकों के लिए रणनीति

  1. लार्जकैप में स्थिरता – यह समय बड़े स्टॉक्स में निवेश का है क्योंकि इनमें वोलैटिलिटी कम है और भरोसा ज्यादा।

  2. बैंकिंग और हेल्थकेयर सेक्टर फोकस में – इन दोनों क्षेत्रों में अगले कुछ हफ्तों में और तेजी दिख सकती है।

  3. Q1 रिजल्ट से पहले चयनात्मक खरीदारी – निवेशक उन कंपनियों को चुनें जिनके नतीजे अच्छे रहने की संभावना है।

  4. स्टॉप लॉस का पालन जरूरी – रेंज-बाउंड बाजार में अचानक वोलैटिलिटी भी आ सकती है।


🔚 निष्कर्ष

1 जुलाई का बाजार भले ही रेंज में फंसा रहा हो, लेकिन इसके अंदर काफी कुछ कहा-सुना गया। बैंकिंग सेक्टर की मजबूती, Q1 रिजल्ट की उम्मीद और विदेशी संकेतों का संयोजन बाजार को टिकाए रखे हुए है।

निवेशकों के लिए यह समय सतर्कता के साथ अवसरों की तलाश करने का है। बाजार में भरोसा बना हुआ है, और यही रेंज-बाउंड स्थिति अगले कुछ हफ्तों में किसी बड़ी चाल का संकेत भी बन सकती है।


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