सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

"श्वेत कबूतर आया और Sensex चढ़ गया – आज बाजार क्यों उछला?"

 आज, यानी 26 जून 2025, भारतीय शेयर बाज़ार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। प्रमुख सूचकांक Nifty 50 और Sensex ने नया जोश दिखाया और कई सेक्टर्स में शानदार उछाल आया। यह तेजी सिर्फ घरेलू ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय घटनाओं से भी प्रभावित रही।




आज हम विस्तार से समझेंगे कि मार्केट क्यों भागा, कौन से सेक्टर और स्टॉक्स चमके, और आने वाले दिनों में किन बातों पर नज़र रखनी चाहिए।


🔍 1. मध्य-पूर्व में शांति की खबरें बनी मुख्य वजह

Israel-Iran युद्ध से जुड़ी शांति की खबरें बाजार के लिए सबसे बड़ी राहत बनीं।

  • बीते कुछ महीनों से इस युद्ध के चलते वैश्विक बाज़ारों में अस्थिरता थी।

  • लेकिन अब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत और संघर्षविराम की घोषणा से क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट आई।

  • भारत एक तेल-आयातक देश है, इसलिए तेल सस्ता होना महंगाई कम करने में मदद करता है, जिससे बाजार को पॉजिटिव सिग्नल मिलता है।

👉 Brent Crude की कीमत आज $83 से गिरकर $80 के पास आ गई।


💼 2. विदेशी निवेशकों (FIIs) की ज़बरदस्त खरीदारी

बाजार में आज की तेजी का दूसरा बड़ा कारण था –
FIIs की भारी खरीदारी।

  • FIIs यानी Foreign Institutional Investors ने आज बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में जमकर पैसे लगाए।

  • इसका कारण है भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था, स्थिर सरकार और बढ़ती GDP ग्रोथ संभावनाएं।

🔹 FIIs की खरीदारी से घरेलू निवेशकों का भरोसा भी मज़बूत होता है, जिससे मार्केट में लहर आ जाती है।


🏦 3. बैंकिंग सेक्टर बना नायक

आज का हीरो सेक्टर रहा Bank Nifty
जिसमें 2% से ज़्यादा की उछाल देखी गई।

  • प्रमुख बैंक जैसे SBI, ICICI Bank, HDFC Bank और Axis Bank में खरीदारी देखी गई।

  • एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले बजट में सरकार बैंकों के लिए और पूंजी उपलब्ध करवा सकती है।

📈 बैंकिंग सेक्टर की मजबूती बाजार को स्थिरता देती है, और यह आज स्पष्ट रूप से दिखा।


🚗 4. ऑटो सेक्टर और PSU कंपनियों की चमक

  • जून महीने में वाहन बिक्री (Auto Sales) का आंकड़ा अच्छा रहने की उम्मीद से ऑटो स्टॉक्स उछले।

  • Maruti Suzuki, Tata Motors, M&M जैसे स्टॉक्स हरे निशान में बंद हुए।

  • दूसरी ओर, सरकार की ओर से लगातार PSU कंपनियों को मजबूती मिलने के चलते BEL, BHEL, Coal India जैसे स्टॉक्स भागे।


🧾 5. केंद्रीय बजट की उम्मीदें

जुलाई के आखिरी हफ्ते में केंद्र सरकार 2025-26 का केंद्रीय बजट पेश करेगी।
बाजार को उम्मीद है कि:

  • Capex (Capital Expenditure) बढ़ेगा

  • इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा मिलेगा

  • MSMEs को रियायतें मिलेंगी

  • टैक्स में कुछ राहत भी संभव है

इस उम्मीद में निवेशक पहले से ही पोर्टफोलियो सेट कर रहे हैं।


📊 6. घरेलू आर्थिक आंकड़े रहे मज़बूत

आज जारी हुए कुछ आंकड़ों ने भी बाजार को सहारा दिया:

  • GST कलेक्शन अनुमान से बेहतर रहा

  • Core Sector Growth में सुधार दिखा

  • PMI Data (Purchasing Managers' Index) मजबूत बना हुआ है

ये सभी संकेत बताते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत आधार पर खड़ी है।


📌 आज के टॉप गेनर सेक्टर:

सेक्टरतेजी (%)
बैंकिंग+2.15%
ऑटोमोबाइल+1.75%
PSU कंपनियाँ+1.90%
इंफ्रास्ट्रक्चर+1.62%
     

📉 थोड़ी रुकावट कहाँ दिखी?

  • IT सेक्टर में थोड़ी प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली।

  • निवेशक अब तिमाही नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।

  • साथ ही, अमेरिकी बाज़ारों में हल्का दबाव बना हुआ था, जिससे Tech शेयरों में कुछ मंदी आई।


📅 आने वाले दिनों में किन बातों पर नज़र रखें:

  1. केंद्रीय बजट से पहले की घोषणाएं

  2. FII की खरीदारी या बिकवाली का रुख

  3. क्रूड ऑयल की कीमतें

  4. RBI की मौद्रिक नीति समीक्षा (Monetary Policy)

  5. मॉनसून की स्थिति – कृषि शेयरों पर असर पड़ेगा



✍️ निष्कर्ष:

आज का बाज़ार विदेशी निवेश, वैश्विक स्थिरता और बजट उम्मीदों के बल पर भागा। यह तेजी आगे भी जारी रह सकती है अगर कच्चे तेल के दाम काबू में रहें और बजट निवेशकों की उम्मीदों पर खरा उतरे।



📈 अगर आप रोज़ाना मार्केट का सही विश्लेषण चाहते हैं, तो मेरे ब्लॉग से जुड़ें —
“जहां हर खबर बनती है आपकी कमाई की वजह!”
👉 लिंक में पढ़ें पूरा लेख…


 Open dmate account using this link 

https://upstox.onelink.me/0H1s/26B2VC


my other articles 

https://trsharemarket.blogspot.com/2025/06/top-5-mid-cap-stocks-global-tension.html

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

📘 RSI, MACD और Moving Averages का सही इस्तेमाल कैसे करें?

              शेयर बाजार में टेक्निकल एनालिसिस का इस्तेमाल करने वाले हर ट्रेडर के लिए तीन Indicators सबसे जरूरी माने जाते हैं — RSI, MACD और Moving Averages . लेकिन सिर्फ नाम जानना काफी नहीं है, आपको इनका सही और समय पर इस्तेमाल करना आना चाहिए , तभी आप मुनाफा कमा सकते हैं। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि: ये Indicators काम कैसे करते हैं कब Entry और Exit करनी चाहिए इनका कॉम्बिनेशन कैसे उपयोग करें और किन गलतियों से बचें 🔍 1. RSI (Relative Strength Index) – मोमेंटम पकड़ने का इंडिकेटर 📌 RSI क्या है? RSI एक ऐसा इंडिकेटर है जो बताता है कि कोई स्टॉक ओवरबॉट है या ओवरसोल्ड। यह 0 से 100 के बीच मूव करता है। 🔼 RSI > 70: ओवरबॉट – यानि स्टॉक बहुत ऊपर चला गया है, गिरावट की संभावना। 🔽 RSI < 30: ओवरसोल्ड – यानि बहुत गिर चुका है, अब खरीदारी की संभावना। ✅ सही इस्तेमाल: सिचुएशन क्या करें RSI 30 के नीचे + सपोर्ट लेवल खरीदारी का मौका RSI 70 के ऊपर + रेजिस्टेंस बेचने का मौका RSI Divergence ट्रेंड रिवर्सल की पहचान 👉 ट्रेडर्स अक्सर RSI + T...

# **Fundamental Analysis कैसे करें? – Step by Step**

फंडामेंटल एनालिसिस (Fundamental Analysis) किसी कंपनी, इंडस्ट्री या इकोनॉमी के आर्थिक स्वास्थ्य का मूल्यांकन करने की एक विधि है। यह निवेशकों को यह तय करने में मदद करता है कि कोई स्टॉक, बॉन्ड या अन्य एसेट खरीदने लायक है या नहीं।   ## **फंडामेंटल एनालिसिस करने के स्टेप्स**   ### **1. इकोनॉमिक एनालिसिस (Economic Analysis)**   सबसे पहले मैक्रोइकॉनॉमिक फैक्टर्स को समझें:   - **GDP ग्रोथ** – देश की आर्थिक वृद्धि दर   - **इन्फ्लेशन (मुद्रास्फीति)** – महंगाई दर   - **ब्याज दर (Interest Rates)** – RBI की मौद्रिक नीति   - **बेरोजगारी दर (Unemployment Rate)**   - **विदेशी व्यापार (Foreign Trade)** – एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट डेटा   ### **2. इंडस्ट्री एनालिसिस (Industry Analysis)**   - **इंडस्ट्री ग्रोथ** – सेक्टर कितना तेजी से बढ़ रहा है?   - **कंपटीशन लेवल** – मार्केट में कितनी कंपटीशन है?   - **गवर्नमेंट पॉलिसीज** – सेक्टर पर सरकारी नियमों का प्रभाव   - **टेक्नोलॉजिकल चेंजेस*...